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आखिरकार कौन हैं पनवाड़ी तालाब के असली सौदागर

  1. अमरोहा। नगर के बिजनौर रोड से सटे पनवाड़ी तालाब पर सफैद पोश डकैट रुपी भूमाफियाओं को मोटी रकम देकर आवास बनाकर रह रहे गरीब मेहनतकश लोगों के एक बार फिर उजड़ने के आसार नुमाया होते नज़र आ रहे है।
    प्रदेश के ओजस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के अनुपालन में जनपद अमरोहा की तहसील अमरोहा (सदर) मे बिजनौर रोड से सटे गाटा संख्या 2946 पनवाड़ी तालाब भू अभिलेखों में पूर्व मे दर्ज था परंतु तहसील अमरोहा मे तेनात लेखपालों व राजस्व निरिक्षकों,जिसमें मुख्य रुप से एक चर्चित लेखपाल जो कि इस समय भी अमरोहा मे तेनात है ने जाल साज़ी कर अभिलेखों में तालाब का स्वरूप बदल दिया और भूमाफियाओं द्वारा गरीब लोगों को लोभ देकर बेनामे करके अपनी तिजोरियां भर ली गई।तिंका तिंका जोड़कर पनवाड़ी मे जगह लेकर महनतकश गरीब मज़दूरों ने सर छुपाने के लिऐ अपने घर बना लिऐ सफेद पोश डकैत रुपी भू माफियाओं ने जहां गरीब बीड़ी मज़दूरों की जैबों पर डाका डालकर अपनी तिजोरियां भरली वहीं जामा मस्जिद क्षेत्र मे जल भराव की समस्या उत्पन्न कर क्षेत्रीय नागरिकों का जीना दूभर कर दिया।अब शासन के निर्देश पर तहसील प्रशासन ने राजस्व टीम लगाकर नगर पालिका परिषद अमरोहा के सहयोग से पनवाड़ी तालाब को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से पैमाइश कराकर तालाब क्षेत्र मे बने आवासों को चिंन्हित कर रेड ज़ोन घोषित कर गरीब लोगों के साथ दुराचार करना शुरू करके रातों की नींद हराम करदी हैआखिर इसका ज़िम्मेदार कौन,कौन है पनवाड़ी का मुजरिम जिसने इन गरीब मेहनतकशो की गाढ़ी कमाई से अपनी तिजोरियां भर कर इनबेचारों को दर दर भटकने के लिऐ बे यारो मददगार छोड़ दिया।आखिर इनका कसूर किया है क्यों इन महनत कशों की रातों की नींद दिन का सकून और बच्चों की मुस्कुराहटे छीनकर संविधान मे दिऐ गये सरछुपाने का इनका मौलिक अधिकार छीना जा रहा है।सफेद पोश डकैत रुपी भू माफियाओं और धनालोभी तहसील अधिकारियों व राजस्व कर्मचारियों की संलिप्तता के चलते नगर के पनवाड़ी,ज़िन्दा जानी,चूड़ावाली, रामतालाब, कुशक,पीलाडुबकी जैसे प्रसिद्ध जलाशयों का सरकारी अभिलेखों मे स्वरूप बदल कर गरीब बीड़ी मज़दूरों की खून पसीने की गाड़ीह कमाई खाने वाले तालाबों के सौदागरों के विरुद्ध प्रशासन किया कार्यवाही करने जा रहा है ये अभी समय के गर्भ मे है। लेकिन सवाल यह खड़ा होता है कि जो भू-माफिया मोटी मोटी रकम लेकर इन गरीबों को है लूट कर चले गए अभी भी मौज में हैं परेशान है तो वह गरीब आदमी जो मेहनत मजदूरी करके ऑटो चला कर के अपने परिवार का लालन पोषण करता है वह सड़कों पर आ जाएगा और अपने बच्चों को फुटपाथ पर सुलाने को मजबूत हो जाए मजबूर हो जाएगा
    इस समय पनवाड़ी तालाब पुनर्जीवित करने की योजना पर काम करने से पहले आवश्यकता है कि इस योजना मे उजड़ने वाले संम्भावित परिवरों के पुनर्वास के लिऐ योजना तय्यार कर आवास उपलब्ध कराऐ जाऐं और पुनर्वास योजना पर आने वाले खर्च को पनवाड़ी के सौदागरों से वसूल किया जाऐ। ऐसा करके पनवाड़ी तालाब पुनर्जीवित योजना मे उजड़ने वाले गरीब मेहनत कशों को बसाने पर खर्च होने वाली धनराशि जुटाने मे सरकार को मदद मिलेगी वहीं माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में कहा गया है कि अनुच्छेद 21 में प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है इस जिससे किसी भारतीय नागरिक कोई वंछित नहीं किया जा सकता के अन्तर्गत पनवाड़ी पर ठगे गये नागरिकों को न्याय दिलाने मे प्रशासन को सफलता मिलेगी।

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